“राम नाम दी जोत”
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Lyrics By: Cdr Alok Mohan
Copyright (©) Cdr Alok Mohan.
धर्म रक्षक रघुवर सदा,
बने सिपाही सच दी ढाला।
दया, करुणा, प्रेम भरपूर,
राम रूपी, प्रकाश माला ।
राम राज नाल हर दिल विच,
सच दी खेती सुखा फल विच।
भूख, दरिद्रता, पाप दा अंत,
सब कर्म बनें अलंकार जित।
अयोध्या दे राजा दा गान,
धर्म दी राहें, मान दा स्थान।
भेदभाव मिटा, सेवा बढ़ा,
राम संदेश हर जीव महान ।
शूरवीर वनर सेना संग,
हनुमान दूत, सीता संग।
सुन लो संदेश वीरता दा,
नम्रता नमन प्रेम प्रसंग।
धर्म रक्षक रघुवर सदा,
बने सिपाही सच दी ढाला।
दया, करुणा, प्रेम भरपूर,
राम रूपी, प्रकाश माला ।
कष्ट दे मेले, संघर्ष दी रेत,
नाम जपो, जम जावे जीत।
जहाँ नहीं कोई भेदभाव
राम नाम नाल जीना ही प्रीत।
धर्म दे पथ ‘ते चलना सीखा,
मर्यादा नुं रहके जीया।
न्याय, समता, सच्चाई नाल,
धरती माँ दा मान बढ़िया।
रामकथा विच छुपिया इक संदेश,
विश्व बंधुत्व, ते प्रेम संवेद।
ना कोई जात, ना कोई ढाल,
सिर्फ़ इंसान, ते इंसानियत ही वेद ।
धर्म रक्षक रघुवर सदा,
बने सिपाही सच दी ढाला।
दया, करुणा, प्रेम भरपूर,
राम रूपी, प्रकाश माला ।
अखंड गुण-गान
पतिव्रता, प्रेम, दा चेहरा
त्याग दी मिसाल,
सीता माता दी शील गहरा।
लक्ष्मण दी वफ़ा, सेवा ध्यानी,
धैर्य दी प्रेरणा, जीवन कहानी।
भाई-भाई दी जोड़ी मिसाल,
शांति, संतुलन, ते हर बिपदा हरानी ।
रावण वी इतिहास दा इक पन्ना,
घमंड नाल भरिया,ते हार वी कमाल ।
विनम्रता , सत गुर दी पहिचान,
राम नाम जपो, जीवन बने इक मिसाल।
राम नाम हर नर-नारी विच,
सबंद ते प्रेम दे आधार विच।
जात-पात दी दीवार टुटे,
सद्भाव जीवन दे त्योहार विच।
धर्म रक्षक रघुवर सदा,
बने सिपाही सच दी ढाला।
दया, करुणा, प्रेम भरपूर,
राम रूपी, प्रकाश माला ।
“राम नाम दी जोत – 2”
Lyrics By: Cdr Alok Mohan
Copyright (©) Cdr Alok Mohan.
जब जब अँधेरा छाया,
राम कथा का दीप जलाया।
राम राज की ये अमिट छाप,
सब दिलों में उजियारा लाया।
मंगल गीत, भक्ति रस रचा,
राम नाम सदा मन में रखा।
भजन-कीर्तन, सत्य की धुन,
मन को मिले परम शांति क्षण ।
रामराज्य सिर्फ स्वप्न नहीं,
मनुष्य-मन की इक जोत दिखी।
हर घर में जब प्रेम जागे,
स्वर्ग, की यही परिभाषा लिखी
रघुवंश के आदर्श अपराजित,
भक्ति-बल, निज चेतन अनंतित।
राम नाम की अमृत बरसात,
सब कर्म सफल, पुन्य अपार जित।
जब जब अँधेरा छाया,
राम कथा का दीप जलाया।
राम राज की ये अमिट छाप,
सब दिलों में उजियारा लाया।
असुर-तान, हठ, अंहकार सब,
राम नाम की तलवार तब तब।
बुराई पिघले प्रेम के आगे,
सत्य की विजय हो जब।
मंगल गीत, भक्ति रस रचा,
राम नाम सदा मन में रखा।
भजन-कीर्तन, सत्य की धुन,
मन को मिले परम शांति क्षण ।
रामराज्य सिर्फ स्वप्न नहीं,
मनुष्य-मन की इक जोत दिखी।
हर घर में जब प्रेम जागे,
स्वर्ग, की यही परिभाषा लिखी
धैर्य-बल, और करुणा-धारा,
राम की ही है, उजली धारें ।
सबरे जीवन में जब बसे,
अराजक, इक पल में हारें ।
जब जब अँधेरा छाया,
राम कथा का दीप जलाया।
राम राज की ये अमिट छाप,
सब दिलों में उजियारा लाया।
शत्रु भी मित्र बने जब,
राम नाम से घट न जावे ।
अहंकार की परत जब हटे,
सत्यमेव विजय पावे।
राम की लीला, अजय वीर,
संवेद की सीख, ज्ञान की धारा, ।
जीवन बने प्रत्यक्ष पूजा,
जब सत्य, हम संग विचारा ।
राम नाम दी जोत जगे,
कण-कण अंदर सूरज लगे।
अंधकार सड़े, सच उभरे,
भारत माँ दा मस्तक सजे।
मंगल गीत, भक्ति रस रचा,
राम नाम सदा मन में रखा।
भजन-कीर्तन, सत्य की धुन,
मन को मिले परम शांति क्षण ।
रामराज्य सिर्फ स्वप्न नहीं,
मनुष्य-मन की इक जोत दिखी।
हर घर में जब प्रेम जागे,
स्वर्ग, की यही परिभाषा लिखी
जब जब अँधेरा छाया,
राम कथा का दीप जलाया।
राम राज की ये अमिट छाप,
सब दिलों में उजियारा लाया।
“राम नाम दी जोत -3”
राम नाम दी जोत जगे,
कण-कण अंदर सूरज लगे।
धर्म, न्याय ते सच दी डोर,
राम मार्ग नाल जग उजोर।
वेदां दी धुन, उपनिषद बाणी,
राम कथा है जीवन कहानी।
राजपाट छोड़, वन दा राह,
धर्म लिए सब कुछ कुर्बान।
माथे लिखे जो दुख दे लेख,
राम नाम नाल होवन सेख।
राम नाम दी जोत जगे,
भारत दा हर दिल सजे।
धर्म, न्याय ते सच दी डोर,
राम मार्ग नाल जग उजोर।
सूरज वरगा ज्ञान प्रकाश,
बादल वरगी करुणा दी बरसात।
सेवक दा धन, प्रजा दी आस,
राम राज्य विच न्याय निवास।
ना कोई नीचा, ना कोई ऊँचा,
कर्म ही मान, मानवता सांचा।
सीता धीरज, त्याग दी मूरत,
लक्ष्मण निष्ठा, सेवा दी सूरत।
भरत प्रेम, उर्मिला मौन,
त्याग दी गूँज, इतिहास दा शोर।
हनुमान शक्ति, भक्ति दी उड़ान,
असंभव भी हो जावे आसान।
राम नाम दी जोत जगे,
कण-कण अंदर सूरज लगे
धर्म, न्याय ते सच दी डोर,
राम मार्ग नाल जग उजोर।
जिस धरती ने राम जणिया,
उस माटी नूँ शीश नवाया।
कलह, मूढ़ता, अविद्या छोड़,
राम राहों भविष्य जोड़।
देश भक्ति जब भक्ति नाल,
सच्ची सेवा बने ढाल।
राम नाम दी जोत जगे,
भारत दा हर दिल सजे।
धर्म, न्याय ते सच दी डोर,
राम मार्ग नाल जग उजोर।
राम ना केवल मूरत नाम,
राम है जीवन, राम है काम।
इस भूतल नूँ स्वर्ग बनाण,
अपने अंदर राम जगाण।
शक्ति पूजा संघर्ष दी रीत,
हार विच वी जीत दी गीत।
राम नाम दी जोत जगे,
भारत दा हर दिल सजे।
धर्म, न्याय ते सच दी डोर,
राम मार्ग नाल जग उजोर।