असमान रंगया
“असमान रंगया“ https://youtu.be/HUdcVzU3kJA?si=JTpjTYy3I7p7zwlSLyrics by Cdr Alok Mohan,Copyright (©) Cdr Alok Mohan.क्यों डुबदे सूरज दी लाली,तेरी याद विच रात नूं समाली,चन्न क्यों हरजाई हो गया,छड ख्यालां दे बागां दी हरियाली। लहरां पुछदियां समुंदर कोलों,क्यों छुप छुप के मैँ मुड़ ज़ाऊँ,तारियां दी झपकी विच सजदा,तेरे नाल ख्वाबां दी बरखा क्यूँ ना पाऊँ। तेरे नाल असमान रंगया,बदल वी …