ancient indian history

Uncategorized

Raja Yuvnasch

अयोध्या के प्रमुख राजाराजा युवनाश्व (प्रथम) युवनाश्व अयोध्या के प्रतापी राजा कुलवाश्व के पुत्र थे। युवनाश्व की मां का नाम सुपर्णा था।इनका विवाह राजा महापद्म की कन्या गौरी से हुआ था। और इनके पुत्र श्रावस्त थे।पौराणिक कथाओं के अनुसार इन्होंने पुरुष होते हुए गर्भ धारण किया था। इन का पुत्र श्रावस्त था । राजा श्रावस्त का कहीं-कहीं …

Raja Yuvnasch Read More »

Raja Chander

अयोध्या के प्रमुख राजा राजा चन्द्र मनु की पुत्री इला का विवाह ऋषि अत्री के पुत्र सोम अथवा चन्द्र के पुत्र बुध से हुआ जिससे पुरुरवा का जन्म हुआ था| यहाँ से चन्द्रवंशी क्षत्रियों का राज्य शुरू होता है | राजा चन्द्र के तीन अन्य नाम इन्दु, आन्ध्र और आर्द्र है। भागवत पुराण में इसे …

Raja Chander Read More »

Raja Prithu

अयोध्या के प्रमुख राजा राजा पृथु या पृथु रोमन सूर्यवंशी पृथु राजा वेन के पुत्र थे। वेन राजा अंग के पुत्र थे ! राजा अंग वेन से बहुत परेशान थे ! वेन की क्रूरता तथा निर्दयता से दुःखी होकर बन को चले गए। वेन ने राजगद्दी संभाल ली। वह और भी निरंकुश हो गया अत्यंत …

Raja Prithu Read More »

Ayodhia Kings

अयोध्या के प्रमुख राजाअयोध्या के राजाओं की वंशावलियों के विषय में पुराणकार एक मत नही। ऐसा देखने में आया है कि यदि एक राजा के तीन – चार पुत्र हैं। सभी का उल्लेख “राजा” के रूप में किया गया है। अतः अयोध्या (कौशल साम्राज्य) के राजाओं की संख्या में कुछ परिवर्तन स्वाभाविक है। श्रीरामचन्द्र जी …

Ayodhia Kings Read More »

Adhunik Sahitya

राम कथा पर आधुनिक साहित्य प्रथम स्वतन्त्रता युद्ध (सन 1857) के विद्रोह के पश्चात रानी विक्टोरिया ने भारत का शासन ईस्ट इंडिया कम्पनी से ले लिया था। भारत वासियों को कुछ सुविधाएं भी दी गई। फिर भी समाज की दुर्दशा व संस्कृति-सभ्यता के लोप पर लोग दुखी थे। राम कृष्ण परम हंस (1834-86) और उन के …

Adhunik Sahitya Read More »

Ramavtar

रामावतार रामावतार दशमग्रन्थ साहिब में संग्रहीत 24 अवतारों के अन्तर्गत हैं। इस में 26 अध्याय है। रामावतार का लेखक वाल्मीकि रामायण से अधिक प्रभावित है राम के जन्म से लेकर स्वर्गारोहण तक इस में सम्पूर्ण राम कथा दी गई है। वाल्मीकि रामायण का एक श्लोक ज्यों का त्यों ही रखा गया है। ततो दशरथः प्राप्य …

Ramavtar Read More »

Ram Sahitya

राम चरित से सम्बधिंत अन्य साहित्य 1. भरत मिलाप : “भरत मिलाप ” प्रथम प्रबंध काव्य माना जाता है। यह 16 वी० शताब्दी के आरम्भ में लिखा गया था। इसकी विभिन्न प्रतियों में पाठ भेद है। कहीं तुलसी दास कहीं सूरज दास और ईश्वर दास लेखक माने गए हैं। इस की भाषा शैली को देखते …

Ram Sahitya Read More »

Tulsi Dass

गोस्वामी तुलसी दासगोस्वामी तुलसीदास संत थे। उन्होंने राम चरित मानस की रचना की थी। वे हिंदी साहित्य के एक महान कवि थे। उन्हें आदि काव्य रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि का अवतार भी माना जाता है। गो० तुलसी दास के समय भारत पर मुगलों का राज्य था। पंजाब के सूबेदार दौलत खां द्वारा आमंत्रित बाबर …

Tulsi Dass Read More »

Ram Katha Natak

राम कथा नाटक मंच से हिन्दी साहित्य के आदि काल में हिन्दी कवियों ने राम कथा पर विशेष रचनात्मक कार्य नहीं किया। सम्भवतः संस्कृत विद्वान इस दैवी कथा को लोक भाषा में लिखना अनुचित समझते थे। संस्कृत में उस समय भी कई ग्रन्थ लिखे जा रहे थे। अदिकाल के विद्वानो ने राम कथा को नाटक …

Ram Katha Natak Read More »

Scroll to Top