ancient indian history

Uncategorized

Origin of Chhibbers

Bhai Mati Das is one of the greatest martyrs in Chhibber history.  He along with his younger brother Bhai Sati Dass, were executed along with him at the Kotwali (police-station) near the Sunehri Masjidin theandni Chowk area of Old Delhi, under the orders of emperor Aurangzeb. Bhai Mati das belonged to the village of Karyala, a stronghold …

Origin of Chhibbers Read More »

Banda Bahadur

बंदा बहादुर बंदा बहादुर का मूल नाम लक्ष्मण दास माधो दास था। वह जम्मू कश्मीर के राजौड़ी नगर का निवासी था। राजपूत उसे रामदेव राजपूत का पुत्र कहते हैं । मोहयाल ब्राह्मण उसे भृगु गोत्रीय छिब्बर मानते हैं। और कश्मिरी पंडित उनहे पंडित कहते हैँ ! लक्ष्मण दास माधो दास की वंशावली पर शोध आवश्यक …

Banda Bahadur Read More »

Mohyal Chibber Lineage

मोहयाल छिब्बर वंशावली दीवान दुर्गामल छिब्बर बाबा पराग दास छिब्बर के पुत्र द्वारका दास छिब्बर के बेटे दुर्गामल, गुरू हरिराय से लेकर नवम गुरु तेगबहादुर जी तक, तीनों गुरुओं के दीवान रहे। गुरु घर के विरोधियों धीरमल्ल और मेहरबान आदि के षडयंत्रों से वे गुरुओं की रक्षा करते रहे। अष्टम गुरू श्री हरिकृष्ण के अकाल …

Mohyal Chibber Lineage Read More »

Bhai Choupa Chhibber

भाई चउपत राय या चौपा सिंह छिब्बर  भाई पेरा के सुपुत्र भाई चउपत राय ने छठे गुरु हरि गोविंद जी से लेकर दशम गुरु गोविंद सिंह जी तक गुरु परिवार की सेवा की। वे निरन्तर शिक्षक व अंगरक्षक के रूप में गुरु परिवार के साथ जुड़े रहे। आठवें गुरु हरिकृष्ण जी के साथ दिल्ली जाने …

Bhai Choupa Chhibber Read More »

Bhai Pera

भाई पेरा छिब्बर भाई पेरा बाबा परागदास के सगे भाई थे। यह गुरु अर्जुन देव के ‘पंच प्यारों’ में एक थे। भाई पेरा छिब्बर हमेशा हिन्दू धर्म में चेतना का प्रचार करते थे । एक समय हिन्दू धर्म पूरे विश्व में प्रचलित था और भारत की सीमाएँ दूर-दूर तक फैली हुई थीं। स्वयं कुछ हिन्दुओं …

Bhai Pera Read More »

Baba Prag Dass

बाबा पराग दास जी बाबा पराग दास छिब्बर मोहयाल ब्राह्मण थे। वे भृगु गोत्रीय, छिब्बर ब्राह्मण महात्मा गौतम के पुत्र थे। उन्होंने सिक्ख पंथ के प्रचार-प्रसार में बढ़-चढ़ कर भाग लिया। गुरु नानक देव की कश्मीर यात्रा में ये गुरू के सम्पर्क में आए थे। गुरु नानक देव के स्वर्गवास होने के पश्चात सिक्ख पंथ …

Baba Prag Dass Read More »

Bhai Guru Dass

भाई गुरूदास “भाई गुरदास पंजाबी लेखक, इतिहासकार, उपदेशक तथा धार्मिक नेता थे। गुरु ग्रन्थ साहिब का मूल लेखन उन्होने ही किया था। वे चार गुरुओं के साथी भी रहे” भाई केसर सिंह छिब्यर के अनुसार भाई गुरुदास का जन्म स० 1608 वि० है। भाई गुरुदास की जन्म तिथि में विद्वानो में मतभेद है। वे तृतीय …

Bhai Guru Dass Read More »

Guru Gobind Singh Ji

गुरु गोबिंद सिंह “गुरु गोबिन्द सिंह सिखों के दसवें और अंतिम गुरु थे। श्री गुरू तेग बहादुर जी के बलिदान के उपरान्त 11 नवम्बर सन 1675 को 10 वें गुरू बने। आप एक महान योद्धा, चिन्तक, कवि, भक्त एवं आध्यात्मिक नेता थे” सन 1699 में बैसाखी के दिन उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की जो …

Guru Gobind Singh Ji Read More »

Guru Teg Bahadur Ji

गुरू तेग बहादुर “श्री गुरु तेग बहादुर जी सिखों के नौवें गुरु थे। विश्व इतिहास में धर्म एवं मानवीय मूल्यों, आदर्शों एवं सिद्धान्त की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वालों में गुरु तेग बहादुर साहब का स्थान अद्वितीय है”गुरू तेग बहादुर का मूल नाम त्याग मल था। चेत, 1688 दि० में अमृतसर स्थान …

Guru Teg Bahadur Ji Read More »

Guru Hari Krishan Ji

गुरू हरि कृष्ण सिक्ख पंथ के आठवे गुरू हरि कृष्ण का जन्म जुलाई सन् 1656 ई० अथवा सावन 1713 वि० को कीरतपुर साहिब में हुआ था । पिता के स्वर्गवास होने के पश्चात उन्हे छोटी आयु में ही गुरू गद्दी संभालनी पड़ी। 5 वर्ष, 2 मास, 13 दिन की आयु में वे गुरु गद्दी पर …

Guru Hari Krishan Ji Read More »

Scroll to Top