ancient indian history

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Acharya Ramanand

आचार्य रामानन्द भारत में सगुण राम भक्ति और राम नाम अथवा (निर्गुण) भक्ति के प्रचार का श्रेय आचार्य रामानन्द को हैं। आचार्य रामचन्द्र शुक्ल, ग्रियर्सन, मेकालिफ आदि साहित्यकारों ने उन्हें एक महान् समाज-सुधारक माना है। उनका जन्म काव्य कुब्ज ब्राह्मण पुण्य सदन या भूरि वर्मा के घर हुआ। उनकी माता का नाम सुशीला था। उनका …

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Prithviraj Chouhan

पृथ्वी राज चौहान पृथ्वीराज चौहान का नाम भारतीय इतिहास मे स्वर्ण अक्षरों ही लिखा हुआ है। उन्हे सनातन संस्कृति के सरंक्षण के महत्व पूर्ण योगदान के लिये जाना जाता है।चौहान वंश मे जन्मे पृथ्वीराज एक सनातन धर्म के शासक थे । सिर्फ 11 वर्ष की उम्र मे, उन्होने अपने पिता की मृत्यु के पश्चात दिल्ली …

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Prithviraj Chauhan

पृथ्वी राज चौहान पृथ्वीराज चौहान का नाम भारतीय इतिहास मे स्वर्ण अक्षरों ही लिखा हुआ है। उन्हे सनातन संस्कृति के सरंक्षण के महत्व पूर्ण योगदान के लिये जाना जाता है।चौहान वंश मे जन्मे पृथ्वीराज एक सनातन धर्म के शासक थे । सिर्फ 11 वर्ष की उम्र मे, उन्होने अपने पिता की मृत्यु के पश्चात दिल्ली …

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Taimur Lung

तैमूर लंगड़ा द्वारा जिहाद इतिहासकार मानते हैं कि तैमूर लंगड़ा  एक खुंकार आतंकवादी था  तैमूर के ज़ुल्म की कहानियों से इतिहास रंगा हुआ है उसका पूर्वज चंगेज़ खान पूरे यूरोप और एशिया को अपने वश में करना चाहता था लेकिन चंगेज़ खान जहां पूरी दुनिया को एक ही साम्राज्य से बांधना चाहता था, तैमूर का …

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Somnath Temple

सोमनाथ मन्दिर सोमनाथ मंदिर गुजरात प्रांत के काठियावाड़ क्षेत्र में स्थित है। इस ज्योतिर्लिंग की महिमा का उल्लेख कई वेद पुराणों में किया गया है और इसकी गणना द्वादश ज्योतिर्लिंग के रूप में की जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार चंद्रदेव ने भगवान शिव को अपना गुरु यानी नाथ मानकर तपस्या की थी। इसलिए इस …

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Gajnavi’s Terror

महमूद गजनवी का कहर महमूद गजनवी का जन्म सन् 977 ई0 में ग़ज़नी में हुआ। सन् 997 ई0 में उसके पिता सुबुक्तगीन की मृत्यु हो गई। उसने अपने पुत्र इस्मायल को उत्तराधिकारी बनाया था। परंतु महमूद ने उसे कैद करके सत्ता अपने हाथ में ले ली। इस्मायल का अन्त कैद खाने में ही हो गया। …

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Raja Dahar

राजा दाहर और मुसलमानों द्वारा भारत पर आक्रमण चीनी यात्री हयून सांग कई वर्ष भारत में रहा। वह लिखता है। तक्षशिला विश्व विद्यालय भारत की उत्तर-पश्चिम सीमा पर स्थित था। तक्षशिला उच्च शिक्षा का केन्द्र था। यहां अनेक विषयों- दर्शन, ज्योतिष, आयुर्वेद की शिक्षा दी जाती थी। चीन, तुर्कीस्तान और पश्चिमी एशिया के सैंकड़ों विद्यार्थी …

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Raja Porus

राजा पोरुस सिकन्दर से लगभग दो सौ वर्ष पहले अर्थात् 530 ई0 पूर्व पार्शियनस और यूनानियों ने भारत के सुन्दर नगरों और खुशहाल गांवों को देखकर भारत पर आक्रमण किए थे। पर्शियन सम्राट सयरूस ने कांधार तक का क्षेत्र अपने अधिकार में कर लिया था जो बाद में मुक्त करवाया गया। जेहलम और चुनाव के …

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Sanatana Sanskriti Sarankshan

धर्म और संस्कृति के संरक्षण का इतिहास जितनी प्राचीन हमारी संस्कृति, उतना ही पुराना उसके संरक्षण का इतिहास है। समय-समय पर ऐसे लोग भी हुए, जिन्होंने इस संस्कृति को नष्ट करने के भरसक प्रयास किए, परन्तु प्राणों की आहूतियाँ देकर कुछ महान् विभूतियों ने इसकी रक्षा का बीड़ा उठाया। यही कारण है कि विश्व की …

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World before abrahamic Religions

इसाई व इस्लाम धर्म से पूर्व विश्व की स्थिति इस्लाम और ईसाई धर्म आने से पहले, विश्व में हिन्दू धर्म-संस्कृति का अनुसरण किया जाता था दुनिया में रहने के लिए यह संस्कृती एक बेहतरीन व्यवस्था थी । वसुधैव कुटुम्बकम् सनातन धर्म का मूल संस्कार तथा विचारधारा है जो महा उपनिषद सहित कई ग्रन्थों में लिपिबद्ध …

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