ancient indian history

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Philosphers of Unan

यूनान के दार्शनिक पायथागोरस पायथागोरस यूनान का दार्शनिक और गणितज्ञ था। उसका जन्म लगभग 580 ई० पूर्व समोस द्वीप में हुआ था। बाद में वह इटली के ‘क्रोटोना’ नगर में बस गया। वहां उसने भ्रातृत्व नामक संस्था बनाई। यह संस्था सम्पन्न और सुसंस्कृत लोगों की थी। आम जनता इस संस्था के विरुद्ध हो गई। इस …

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Islam

इस्लाम धर्म : इस्लाम मत का संस्थापक हजरत मुहम्मद था। उसका जन्म मक्का के स्थान पर सन् 570 ई० में और मृत्यु 632 ई० में हुई। 630 ई० में इसके अनुयायियों ने मक्का को जीत कर लगभग 360 मूर्तियाँ तोड़ दी थी। मुस्लमानों ने कुछ ही वर्षों में अरब, पर्शिया (ईरान) और अफ्रीका जीत कर …

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Christianity

इसाई धर्म : जीसस क्राइस्ट इसाई मत के संस्थापक थे। उनकी जन्मतिथि के विषय प्रार्थ में पूरी जानकारी नहीं है। जीसस क्राईस्ट यूनानी भाषा के शब्द हैं। हैबू भाषा में जीसस को “जीशू” और क्राईस्ट को मसीहा कहते हैं। जीसस सत्त के पिता का नाम जोसफ था। उसकी सगाई मैरी से हुई थी उसे जब …

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Judaism

यहूदी धर्म: यहूदी धर्म के अनुयायी एक ईश्वर में विश्वास रखते हैं। यहूदी अपने ईश्वर को यहवेह या यहोवा कहते हैं. यहूदी मानते हैं कि सबसे पहले ये नाम ईश्वर ने हजरत मूसा को सुनाया था। बाईबल और तलमद दोनों ग्रन्थों में इस धर्म के मूल सिद्धान्त हैं। बाईबल की प्रथम पांच पुस्तकें ”तोरा “हैं जिसमें जुड़ा’ …

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Persian Religion

पर्शियन या पारसी धर्म ये लोग पर्शिया या प्राचीन ईरान के निवासी थे। पारसी लोग प्रकृति देवों की पूजा करते थे यथा मित्र या सूर्य प्रकाश का देवता है। इन लोगों के मन्दिर नहीं होते थे। वे पर्वतों की चोटियों पर पूजा करते थे। जोरोस्तर लगभग 1400 से 1000 ई० पूर्व एक पैगम्बर हुआ था …

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Religions & Beliefs

विश्व के प्रमुख धर्म संसार में दो प्रकार के धर्म प्रचलित हैं। एक ऐसे जो प्राचीन काल में समाज कल्याण के लिए बने थे इनका आधार सदाचार तथा सद्व्यवहार था। ऐसे नियम बनाए गए कि समाज में परस्पर कलह, देष न पनपे। लोग परस्पर प्रेम से रहें और आपदाओं में एक दूसरे की सहायता करें। …

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Sanatana Sanskriti

सनातन संस्कृति प्रत्येक राष्ट्र की एक संस्कृति होती है. इसे ही राष्ट्र का प्राण तत्व या आत्मा कहते हैं। संस्कृति ही ऐसी आन्तरिक शक्ति होती है जो राष्ट्र को युगों तक अपनी विशेष स्वतन्त्र सत्ता बनाए रखने में सहायता करती है। भारत हजार वर्ष तक परतन्त्र व अशक्त रहा, परन्तु उसके वासियों अर्थात् हिंदुओं ने …

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Dharm Sanskriti

भारतीय धर्म-संस्कृति के संरक्षण का इतिहास देहि सिवा वर मोहे इहै . सुभ कर्मन ते कबहुं न डरों, न डरौ अरि सों, जब जाय लरौ , निसचै कर अपनी जीत करौ।बीसवीं शताब्दी के अनेक बलिदानियों को, जिन्होंने विदेशी सत्ता से भारत माता को मुक्त कराने और भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए असहनीय यातनाएँ सही, …

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Raja Harshvardhan

अयोध्या के प्रमुख राजा हर्षवर्धन हर्षवर्धन का समय 606 ई0 से 641 ई0 तक था । ह्यूनस्यांग हर्ष के विषय में लिखता है- “वह शक्तिशाली शासक, उच्चकोटि का कवि ओर नाटककार था । साहित्यकारों का सम्मान करता था । वह बौद्धमत का कट्टर, अनुयायी बन गया । वह भूल गया कि वह एक राजा है। …

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Gupt Vunsh

अयोध्या के प्रमुख राजा गुप्तवंश चौथी शताब्दी के आरम्भ में भारत विदेशियों चंगुल से पूर्णतया मुक्त हो गया था । गुप्तवंश के उदय के समय उत्तरी भारत में अनेक राजतंत्रीय और गणतंत्रीय राज्य थे, जिनमें अयोध्या राज्य प्रमुख था । गुप्तवंश के प्रमुख राजा चन्द्रगुप्त प्रथम, समुद्र गुप्त, चन्द्रगुप्त द्वितीय, कुमार गुप्त और स्कन्द गुप्त …

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