ancient indian history

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Ram Katha

राम कथा की विकास यात्रा प्राचीन काल से लेकर अब तक राम कथा हमारे जन जीवन को प्रभावित करती आ रही है। यह कथा विभिन्न युगों एवं परिस्थितियों के अनुसार परिवर्तित तथा परिवद्धिंत होती रही है। यह संस्कृत, प्राकृत और अपभ्रशं से होती हुई भारत की आधुनिक भाषाओं के साहित्य को परिपूर्ण कर रही है, …

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राम कथा की विकास यात्रा

राम कथा की विकास यात्रा प्राचीन काल से लेकर अब तक राम कथा हमारे जन जीवन को प्रभावित करती आ रही है। यह कथा विभिन्न युगों एवं परिस्थितियों के अनुसार परिवर्तित तथा परिवद्धिंत होती रही है। यह संस्कृत, प्राकृत और अपभ्रशं से होती हुई भारत की आधुनिक भाषाओं के साहित्य को परिपूर्ण कर रही है, …

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Ram kavya

राम काव्यभारतीय संस्कृति का श्री गणेश वैदिक काल से पूर्व हो चुका था। भारत में सूर्य वंश व सोम वंश के राज्यों की स्थापना हो चंकी थी। वे राज्य थे अयोध्या, वैशाली, काशी, पांचाल, कान्यकुब्ज, महिष्मती, तुर्वसु, हस्तिनापुर कधार, तितक्षु (पूर्वी भारत ) तथा कलिंग आदि। उस समय भी राजनैतिक दृष्टि से बटा हुआ भारत …

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Rishi Pail

ऋषि पैल.पैल ऋषि कई हुए हैं। एक भृगुकुल में और दूसरे अंगिरा कुल में ये ऋषि व्यास के प्रमुख ऋषियों में एक थे। व्यास ने इन्हें वेदों और महाभारत का अध्ययन तथा ब्रह्माण्ड पुराण सिखाया। युधिष्ठर के राजसूय यज्ञ में यह धौम्य ऋषि के साथ “होता” बने थे। शरशय्या पर पड़े भीष्म को मिलने ये …

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Rishi Kamad

ऋषि कामदकामद ब्रह्म ऋषि थे। राजा अंगरिष्ट ने इनसे पूछा, “शुद्ध धर्म, अर्थ और काम क्या है। ऋषि ने उत्तर दिया, जिससे चित की शुद्धि हो वह धर्म, जिससे पुरूषार्थ साध्य हो वह अर्थ तथा केवल देह निर्वाह की इच्छा हो वह काम है। सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार कामद ऋषि ने ब्रह्मा जी …

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Rishi Shakalya

ऋषि शाकल्य :शाकल्य व्यास के वैदिक शिष्यों में प्रमुख थे। पौराणिक साहित्य में इसे वेद मित्र या देव मित्र शाकल्य कहा है। महाभारत में शाकल्य को ब्रह्म ऋषि कहा गया है। यह ऋषि शिव की उपासना करते थे। शिव ने इन्हें वरदान दिया, तुम बड़े ग्रन्थकार बनोगे।” शाकल्य ऋषि ऋग्वेद के शाखा प्रवर्तक आचार्य थे …

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Maharishi Charak

महर्षि चरकमहर्षि चरक एक चिकित्सक और आयुर्वेद के विद्वान थे। चरक वैशम्पायन के शिष्य थे.उन्होंने आयुर्वेद की प्रसिद्ध पुस्तक चरक संहिता लिखा था । इस ग्रंथ में उपचारात्मक एवं रोगनिरोधी औषधियों तथा सोना, चाँदी, लोहा, पारा आदि धातुओं तथा धातु की भस्म का मानव शरीर में प्रयोग का वर्णन है।चरक नाम का अर्थ प्रायश्चित करने वाला है। …

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Acharya Chanakya

आचार्य चाणक्य आचार्य चाणक्य एक चतुर राजनीतिज्ञ, कुशल कूटनीतिज्ञ और प्रख्यात अर्थशास्त्री थे। उन्हें मौर्य साम्राज्य के संस्थापक के रूप में जाना जाता है। वह एक ज्ञानी संत थे और अर्थशास्त्र, राजनीति, युद्ध रणनीति, चिकित्सा और ज्योतिष जैसे कई विषयों पर उनकी गहरी पकड़ थी। उन्होंने अर्थशास्त्र नाम से एक पुस्तक लिखी थी, जिसमें राजनीति, …

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Rishi Kapil

कपिल ऋषिसनातन धर्म शास्त्रों में कपिल ऋषि को अग्नि का अवतार और ब्रह्मा का पुत्र माना गया है। कपिल को विष्णु का पांचवां अवतार भी माना जाता है।नारद पुराण में दो कपिल ऋषियों का उल्लेख है। एक ब्रह्मा का तथा दूसरा विष्णु का अवतार था। इनमें से वेदान्ती कौन, और सांख्य शास्त्रज्ञ कौन था, यह …

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Rishi Pulastya

ऋषि पुलस्त्य ऋषि पुलस्त्य एक प्रजापति थे, और ब्रह्मा के आठ मानस पुत्रों में से एक थे। अन्य भृगु, वशिष्ठ, मरीचि, अंगिरस, अत्रि, पुलह और क्रतु हैं, वे मनु, मन्वंतर के पहले युग में सप्तऋषि (सात महान संतों) में से एक हैं।पुलस्त्य की पत्नी प्रीति स्वायंभु दक्ष की पुत्री थी और शंकर की पत्नी सती …

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